दिल जले

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वैसे तो ये एक मूवी का नाम था लेकिन चंडीगढ़ के एक पत्रकार पर यह बहुत ही सटीक बैठता है। ये काफी सीनियर हैं उम्र में लेकिन इनका ऑनलाइन पत्रकारों, पोर्टल्स के खिलाफ रवैया बताता है कि इन्हें अभी बहुत कुछ सीखना बाकी है।

कोई नहीं जानता कि इनकी ऑनलाइन पत्रकारों से क्या दुश्मनी है कि ये उनसे जलते हैं और उनके खिलाफ बोलते हुए अकसर पाए जाते हैं। हमारे पोर्टल को 2 साल होने वाले हैं और जब यह शुरू होने वाला था तब हमारी मुलाकात इन जनाब से हुई थी। तब से इनका व्यवहार ऑनलाइन पोर्टल्स के खिलाफ इतना बुरा था कि इनको एक ऑनलाइन पत्रकार के साथ बहस में पड़ते हुए भी देखा गया था।

यह ऑनलाइन पत्रकारों से इतनी खुंदक खाते हैं कि हर रोज़ कोई न कोई नकली ख़बर व्हाट्सप्प ग्रुप्स में फॉरवर्ड करते रहते हैं। इनको खुद ही उस नकली ख़बर की पूरी जानकारी नहीं होती है और बस ऑनलाइन पत्रकारों के अच्छे काम को नीचा दिखाने के लिए ये उनके खिलाफ आई दूसरे शहरों की खबरें चंडीगढ़ की बना कर भेज देते हैं।

अब कोई पूछे इनसे कि भाई आपसे कभी किसी ने पूछा कि आपको ख़बर बनानी आती भी है या नहीं? आप कितने पढ़े-लिखे हैं? क्या हमने आपके काम में कभी टांग अढ़ाई है? नहीं न??? तो आप अपना काम क्यों नहीं करते हैं? क्यों आपको दूसरों के काम से इतनी जलन है?

इनको कोई जा के बताए कि अगर इनके अंदर इतनी ही खुंदक है ऑनलाइन पत्रकारों को लेकर तो ये उनके मुँह पर बोलें जब ये उनसे मिलते हैं। यूँ दूसरों के अच्छे काम और आगे बढ़ते पोर्टल्स को नीचा दिखाने के लिए दूसरे शहरों की खबरें भेजकर चंडीगढ़ के ऑनलाइन पत्रकारों के काम में अड़चनें डालने की कोशिश भी करने की जरूरत नहीं है।

हम मानते हैं कि बहुत से लोग नकली पत्रकार बनकर, ऑनलाइन वेबसाइट बनाकर गलत काम, ब्लैकमेलिंग जैसे काम करते हैं। हम खुद उनके खिलाफ हैं। लेकिन इसका यह मतलब नहीं हुआ कि हर ऑनलाइन पत्रकार गलत और नकारा हैं। बहुत से ऐसे हैं जो दिन रात मेहनत करके अपने पोर्टल को ऊंचाई तक ले जाने में जुटे हुए हैं।

खुद इन जनाब को ये तक नहीं पता होता कि इन्होंने कहाँ से कौन सी ख़बर उठा के फॉरवर्ड की है। पिछले हफ़्ते ही एक ग्रुप में ऑनलाइन पत्रकारों ने इनकी अच्छी-खासी बेइज़्ज़ती की थी इनके बेकार रवैये को लेकर। उसके बाद इनका एक भी रिप्लाई नहीं आया। दूसरे ऑनलाइन ग्रुप ने इनको उठा कर बाहर निकाल दिया। अगले दिन जब किसी पत्रकार ने इनसे पूछा कि भाई आपको क्या जरूरत पड़ी है बिना मतलब की खबरें डालने की तो इनका जवाब था कि मैंने तो बस एक तिल्ली लगानी थी… अब ये (ऑनलाइन पत्रकार) जलते और आपस में लड़ते रहें।

आपके इस घटिया जवाब पर हम सिर्फ इतना कहना चाहेंगे सर जी… पहली बात आपने किसी अन्य शहर की ऐसी ख़बर डाली जिसकी मान्यता का कोई प्रमाण नहीं है। दूसरा, आपको शायद अंग्रेज़ी में लिखे हुए पत्रकारों के जवाब समझ नहीं आये, क्योंकि उन्होंने आपको करारा जवाब दिया था। तीसरा, उस में आपस में लड़ने, या जलने वाला कुछ नहीं था। उल्टा सबको आपकी सोच और बेकार रवैये के बारे में खुलासा हो गया। आखिर में, आप जैसे हमने जलने, सड़ने और काम में मुसीबत पैदा करने वाले बड़े देखे हैं। आपके कुछ लिखने, भेजने या बोलने से कोई भी ऑनलाइन पत्रकार अपना काम नहीं छोड़ने लगा, न ही हार मानने वाला है।

इससे साफ पता चलता ही कि चंडीगढ़ के अभी भी कुछ ऐसे ऑनलाइन पत्रकार हैं जिनसे अख़बार के पत्रकार भी जलते हैं क्योंकि ऑनलाइन वाले अच्छा काम कर रहे हैं।

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