भास्कर राव सम्मेलन के चैथे दिन सितार की मधुर धुनों एवं ध्रुपद गायन ने मोहा दर्शकों का मन

0
563

चंडीगढ़

19 मार्च 2021

दिव्या आज़ाद

प्राचीन कला केन्द्र द्वारा आयोजित सात दिवसीय भास्कर राव सम्मेलन के चैथे दिन प्रसिद्ध सितार वादक पंडित हरविंदर  शर्मा एवं ध्रुपद गायन मलिक बंधुओं ने अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया । इस कार्यक्रम का आयोजन टैगोर थियेटर में हर रोज 6ः00 बजे किया जा रहा है । इस अवसर पर केन्द्र के सचिव श्री सजल कौसर मौजूद थे । इस कार्यक्रम का आयोजन केन्द्र के सोशल मीडिया प्लेटफार्म यूटयूब,फेसबुक आदि पर भी किया गया ।
पंडित हरविंदर शर्मा शहर के जानेमाने सितार वादक हैं और उस्ताद विलायत खां साहिब के शिष्यत्व में सितार की शिक्षा प्राप्त करने वाले हरविंदर ख्याल अंग पर विशेष पकड़ रखते हैं ।
दूसरी ओर मलिक बंधु दरभंगा ध्रुपद घराने से सम्बन्ध रखते हैं । इसी घराने की तेरहवीं पीढ़ी का नेतृत्व कर रहे हैं ।


आज के कार्यक्रम की शुरूआत पंडित हरविंदर शर्मा के सितार वादन से हुआ जिसमें राग पहाड़ी से कार्यक्रम की शुरूआत की । आलाप से शुरू करके इन्होंने पारम्परिक गतें जैसे मसीतखानी गत एवं रजाखानी गत प्रस्तुत की । गायकी अंग पर विशेष पकड़ रखने वाले हरविंदर ने लोक संगीत पर आधरित रचनाएं पेश करके खूब तालियां बटोरी । इनके साथ तबले पर उस्ताद अकरम खां ने बखूबी संगत की ।


कार्यक्रम के दूसरे भाग में मलिक बंधुओं प्रशांत एवं निशांत मलिक ने मंच संभाला । इस जोड़ी ने राग जोग में आलाप से शुरूआत की । राग की बढ़त करते हुए इन्होंने धमार ताल में निबद्ध रचना खेलन आए होरी कन्हाई पेश की । जिसे होली के उत्साह और रंगों से सजी इस रचना को मौसम के अनुरूप पेश किया गया । कार्यक्रम का अंत इन्होंने सूलताल में निबद्ध बंदिश ‘‘कृपालम महाकाल’’ पेश की । जिसका दर्शकों ने खूब आनंद उठाया । इनके साथ पखावज पर युवा पखावज वादक ऋषि शंकर उपाध्याय ने बखूबी संगत की ।
कार्यक्रम के अंत में कलाकारों को सम्मानित किया गया ।

LEAVE A REPLY

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.