शहीदों की शहादत से मज़ाक आखिर कब तक : न्यू कांग्रेस पार्टी (एनसीपी)

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चंडीगढ़

28 जनवरी 2022

दिव्या आज़ाद


न्यू कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के केंद्रीय अध्यक्ष व नौजवान क्रांतिकारी सेवा दल चेयरमैन एडवोकेट विवेक हंस गरचा ने सत्ताधारी केंद्रीय भाजपा सरकार व क्षेत्रीय राज्य दिल्ली आम आदमी पार्टी की सरकार को शहीदों के विरुद्ध बताया। उन्होंने कहा कि ऐसा प्रतीत हो रहा है भाजपा व आम आदमी पार्टी भारतीय इतिहास से छेड़छाड़ की फिराक में हैं | एडवोकेट विवेक हंस गरचा ने कहा कि “अमर जवान ज्योति” 50 साल बाद बुझाई गई, ज्योति को यहां से ले जाया गया नेशनल समर मेमोरियल, यह जगह इंडिया गेट के दूसरी तरफ 400 मीटर की दूरी पर है। “अमर जवान ज्योति” की स्थापना 1971 में हुई थी। शहीद भारतीय सैनिकों के सम्मान में और उनके सम्मान में पाकिस्तान पर भारत की ऐतिहासिक जीत पर | दूसरी ओर आजादी से पहले बने इंडिया गेट में 25 हजार से ज्यादा ब्रिटिश भारतीय शहीदों के नाम हैं, जो प्रथम विश्व युद्ध और ब्रिटिश अफगान युद्ध में लड़े थे।

न्यू कांग्रेस पार्टी ने अमर जवान ज्योति को बदले जाने का विरोध किया है। पार्टी केंद्रीय अध्यक्ष एडवोकेट विवेक हंस गरचा ने कहा कि ज्योति से ज्योति जलायी जाती है, बुझाने वाला पहला आया है, ” भगवान उसे सद् बुद्धि प्रदान करें” पचास साल पुरानी ये अमर जवान ज्योति ये मोदी ने थोड़ा लगवाई थी इसलिए इंडिया गेट पर स्थित ‘अमर जवान ज्योति’ बुझा दी गई। जिसका मज़ाक बनने दिया दिल्ली की क्षेत्रीय राज्य अरविन्द केजरीवाल सरकार ने एडवोकेट विवेक हंस गरचा ने कहा की गलत का विरोध करने की बजाये, किसी तानाशाह को गलत कार्य करने देना का कसूरवार वो भी उतना ही होता है जो उस गलत कार्य को होने से रोक सकता था | लेकिन उसने उसको ना रोका हो और भारतीय इतिहास की धज्जियाँ उढ़ने दी। केंद्रीय अध्यक्ष एडवोकेट विवेक हंस गरचा ने कहा कि आज़ाद हिंद फ़ौज के संस्थापक, राष्ट्रवादीयों के प्रेरणा स्त्रोत नेताजी सुभाष चंद्र बोस जी की 125 वीं जयंती वर्ष के अवसर पर इंडिया गेट पर नेताजी की भव्य प्रतिमा स्थापित करने के अभूतपूर्व एवं ऐतिहासिक निर्णय हेतु माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का हार्दिक अभिनंदन एवं आभार है लेकिन “अमर जवान ज्योति” को अन्य ज्योति में विलीन करना गलत है क्योंकि ज्योति से ज्योति जलाई जाती है बुझाई नहीं।


एडवोकेट विवेक हंस गरचा ने कहा कि इंडिया गेट पर स्थित “अमर जवान ज्योति” बुझा दी गई। जलियाँवाला बाग की दीवारें मिटाकर फ़ाउंटेन और साउंड शो लगा दिए | काशी के सदियों पुराने मंदिर तोड़कर ईंट और सीमेंट के नए कॉम्प्लेक्स बना दिए। आधुनिक भव्यता और ऐतिहासिक धरोहरों में अंतर होता है, कोई इस को समझाओ, नहीं तो ये सब तोड़ देगा | बहुत ही दुखद है जो अमर जवान ज्योति की ज्योत जो भारत की पाकिस्तान पर जीत ओर हमारे रणबांकुरों की याद में जलाई गई थी उसे भुजा दिया गया। ज्योति से ज्योति जलायी जाती है, बुझाने वाला पहला आया है। वहां से 400 मीटर दूसरी ज्योत में मिला दी गई समझ से परे है। यहाँ भी राजनीति यह शहीदों की शहादत से मज़ाक से है।

 
“अमर जवान ज्योति” को मशाल द्वारा ले जाया गया और नए स्मारक की ज्योत में विलीन किया। लौ में मिली लौ का विरोध न्यू कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के इलावा कुछ पूर्व सैन्य कर्मियों ने भी किया। पूर्व एयर वाइस मार्शल मनमोहन बहादुर ने प्रधानमंत्री को टैग किया और लिखा, ‘इंडिया गेट पर जलती लौ भारतीय मानस का हिस्सा है।  हम वहां बहादुर सैनिकों को सलाम करते हुए बड़े हुए हैं।  पूर्व लेफ्टिनेंट कर्नल अनिल दुहुन ने कहा, “अगर आप ऐसा कुछ नहीं बना सकते हैं, तो इसे तोड़ दें…यह नए भारत का मंत्र है |

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