तेरा शुक्रिया अदा  करता हूं,
मैं फरियाद तुझसे करता हूं।
हर बार दर पे तेरे आता हूं,
तेरी रहमत से सब पाता हूं।
तेरे दर से कोई खाली ना गया,
खाली झोली भर के ही गया।
तेरे दर पे जिसने लगायी गुहार,
तेरी कृपा से खुल गये भण्डार।
लेने वाले दुनिया में हैं बेहिसाब,
सबके कर्मों का तूं रखे हिसाब।
दुख दुखियों के तूं हरने वाला हे,
पापियों को माफ करने वाला हे।
सुख में हम जब तुझे भूल जते हें,
दुख में  फिर शरण तेरी आते हैं।
दुख / सुख में  रहे तूं उसके पास,,
जो सचे मन से रखे तुम पे विश्वास।
बृज  किशोर भाटिया,बंगलुरू

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