प्रधानमंत्री मोदी के रिफॉर्म,परफ़ॉर्म,ट्रॉसफॉर्म विजन से आत्मनिर्भर बनेगा भारत: वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर

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चंडीगढ़

16 मई 2020

दिव्या आज़ाद

कोरोना जैसी वैश्विक आपदा से निपटने व देशवासियों को राहत पहुँचाने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत सरकार हर ज़रूरी कदम उठा रही है।प्रधानमंत्री जी ने रिफॉर्म,परफ़ॉर्म,ट्रॉसफॉर्म विजन से आत्मनिर्भरता का विजन दिया है।यह समय पूरी एकजुटता के साथ आपदा को अवसर में बदलने का है।हम हर सेक्टर के आधारभूत ढाँचे को सुदृढ़ करने ,रोज़गार के ज़्यादा से ज़्यादा अवसर उपलब्ध कराने ,आत्मनिर्भर बनने के आयात को कम करने व निर्यात को बढ़ाने के ज़्यादा से ज़्यादा संभावनाओं के द्वार खोलने के लिए प्रतिबद्ध है ।कोल भंडारण क्षमता के मामले में भारत दुनिया के तीन सबसे बड़े देशों में शामिल है। हम कोयला खदान की नीलामी के नियमों को आसान बनाने जा रहे हैं जिसके अंतर्गत 50 नए कोयला ब्लॉक्स उपलब्ध करवाए जाएंगे व कोल माइनिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए 50 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया जा रहा है।खनिज खनन के क्षेत्र में मिनरल इंडेक्स बनाने के साथ साथ पारदर्शी ऑक्शन के जरिए 500 माइनिंग ब्लॉक उपलब्ध करवाए जाएंगे । डिफेंस मैन्यूफैक्चरिंग के क्षेत्र में ऑटोमेटिक रूट से एफडीआई की लिमिट को 49% से बढ़ाकर 74% किया जा रहा है व हथियारों व उनके पार्ट्स पर आयात निर्भरता को कम करके मेक इन इंडिया प्रोग्राम के तहत घरेलू प्रोडक्शन को बढ़ावा देने के साथ साथ ऑर्डिनेंस फैक्ट्री बोर्ड का कॉर्पोरेटाइजेशन किया जायेगा।नागरिक उड्डयन के क्षेत्र में हम एयरस्पेस का ज़्यादा से ज़्यादा इस्तेमाल व इसका विस्तार करने जा रहे हैं जिससे लोगों के समय की बचत व विमानन कम्पनियों के फ़्यूल में बचत होगी।एयरस्पेस बढ़ाने से एयरलाइंस को 1000 करोड़ रुपए का सालाना फायदा होगा।मोदी सरकार एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया को 2300 करोड़ रुपए का डाउन पेमेंट करने जा रही है।पावर डिस्ट्रीब्यूशन के क्षेत्र में नीतिगत सुधारों को अपनाते हुए बिजली स्मार्ट प्री-पेड मीटर लगाए जाएंगे। केंद्र शासित राज्यों में डिस्कॉम के निजीकरण के कदम उठाए जा रहे हैं जिससे सर्विस में सुधार होगा। सोशल इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट के लिए 8100 करोड़ रुपए का प्रावधान हम करने जा रहे हैं।देश ने अंतरिक्ष के क्षेत्र में पिछले कुछ वर्षों में महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ हासिल कीं हैं व अंतरिक्ष के क्षेत्र में भारत के दबदबे को और बढ़ाने के लिए भविष्य की योजनाओं में प्राइवेट सेक्टर को मौका दिया जाएगा व स्टार्टअप ईकोसिस्टम को न्यूक्लियर सेक्टर से जोड़ने का काम किया जायेगा।

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