“नाम की महिमा”

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नाम की महिमा बड़ी न्यारी,
उल्टे कर्मों की खोले पटारी।
    नाम जिसका है राजकुमार,
    पास नही कुछ फिरे लाचार।
नाम जिसका रखा है फकीर,
वो है शहर का सबसे अमीर।
       नाम रखा है इनका हरीश चंद्र,
       चोरी पैशा रहें जेल के अंदर।
नाम है इनका नयनसुख,
आंखों से अंधे पाएं दुख।
         नाम  है इनका  करोड़ी मल,
         ओड़ने को पास नहीं कम्बल।
  नाम है इनका देखो ज्ञान सागर,
  अनपढ़ हैं अंगूठा लगाएं जाकर।
          नाम के आगे या पीछे जिनके लगा है राम,
         आसा, पाल, रहीम,राम नाम करें बदनाम।
हर किसी की  परख नाम से नहीं होती,
हर चमकने वाली वस्तु सोना नहीं होती।

-बृज किशोर भाटिया, चंडीगढ़

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