चंडीगढ़
24 मार्च 2017
दिव्या आज़ाद
इनेलो नेताओं ने आज केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात कर एसवाईएल के अधूरे निर्माण कार्य को जल्द पूरा करवाने की मांग करते हुए एक ज्ञापन सौंपा और एसवाईएल को लेकर अब तक हरियाणा के पक्ष में आए सर्वोच्च न्यायालय के विभिन्न फैसलों की प्रतियां भी ज्ञापन के साथ केंद्रीय गृह मंत्री को सौंपी। इनेलो के वरिष्ठ नेता एवं विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष चौधरी अभय सिंह चौटाला और प्रदेश अध्यक्ष अशोक अरोड़ा ने इनेलो की ओर से केंद्रीय गृह मंत्री को ज्ञापन सौंपा। इनेलो नेताओं ने केंद्रीय गृह मंत्री से मिलने के बाद दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि हमने अपनी पार्टी की ओर से गृह मंत्री राजनाथ सिंह को अलग से एक ज्ञापन सौंपा है जिसमें एसवाईएल पर पूरी वस्तुस्थिति और हरियाणा के पक्ष में आए 2002, 2004 व 10 नवम्बर 2016 के सर्वोच्च न्यायालय के फैसलों का भी उल्लेख किया गया है। 
इनेलो नेताओं ने कहा कि पिछले साल 24 मार्च को जब पंजाब सरकार ने एसवाईएल की जमीन वापिस किसानों को देने का निर्णय लिया तो उस समय इनेलो ने न सिर्फ इसका जोरदार विरोध किया बल्कि अपने सहयोगी दल से राजनीतिक संबंध भी विच्छेद करने का काम किया। उन्होंने कहा कि हरियाणा के मुख्यमंत्री जो इस समय यहां बैठे हैं उन्होंने न तो हरियाणा के लिए कोई पैरवी की और न ही उन्होंने ऐसे असंवैधानिक कार्य करने वालों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि हरियाणा के सीएम की कमजोरियों की वजह से ही आज पंजाब के लोग आए दिन धमकियां दे रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अगर सीएम कोई पैरवी करते तो अब तक नहर की खुदाई निश्चित तौर पर शुरू हो जाती। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि इस पर हरियाणा के मुख्यमंत्री से कोई जवाब नहीं बन पा रहा था और उन्होंने यही कहा कि इस बारे उन्होंने कई चि_ियां भी लिखी। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सीएम का काम सिर्फ चि_ियां लिखना नहीं होता बल्कि प्रदेश के हितों की पैरवी करना होता है।
इनेलो नेताओं ने कहा कि एसवाईएल की लड़ाई असल में इनेलो ने ही लडऩे का काम किया है क्योंकि कांग्रेस तो पहले ही नहीं चाहती थी कि एसवाईएल का अधूरा निर्माण पूरा हो। इनेलो नेताओं ने ये भी कहा कि हरियाणा को एक बूंद पानी न देने की बात कहने वाले कैप्टन अमरेंदर सिंह जिस दिन मुख्यमंत्री पद की शपथ ले रहे थे उस दिन हरियाणा के कांग्रेसी नेता उनके शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होकर वहां रसगुल्ले खा रहे थे। उन्होंने कांग्रेस नेताओं की नीयत में खोट होने का भी आरोप लगाया। इनेलो नेताओं ने कहा कि उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री से इस मामले में जल्द कार्रवाई किए जाने और एसवाईएल के अधूरे निर्माण को पूरा करवाए जाने की मांग करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री से यह भी पूछा कि अब इस बारे में केंद्र सरकार क्या करने जा रही है? नेता प्रतिपक्ष ने बताया कि राजनाथ सिंह उनकी बात को ध्यान से सुना और उन्हें भरोसा दिलाया कि अभी संसद का सत्र चल रहा है और संसद सत्र के बाद एक बार फिर आप लोगों के साथ एक बैठक और की जाएगी और कानूनी स्थिति देखकर इस पर आगे बढ़ा जाएगा। 
पत्रकारों के सवालों के जवाब में नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि एसवाईएल हरियाणा की जीवनरेखा है और इसका निर्माण पूरा करवाने के लिए जब भी उन्हें केंद्रीय गृह मंत्री या प्रधानमंत्री की तरफ से कोई बुलावा आएगा तो वे न सिर्फ उनके साथ बैठक में शामिल होंगे बल्कि हरियाणा के हितों की जोरदार पैरवी भी करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि चार महीने पहले सर्वदलीय बैठक में सीएम ने भरोसा दिलाया था कि वे जल्द ही प्रधानमंत्री से मिलने का समय लेंगे और एसवाईएल पर सभी दलों को साथ लेकर प्रधानमंत्री से मिलेंगे लेकिन चार महीने से हरियाणा के मुख्यमंत्री को पीएम से मिलने का समय तक नहीं मिला है जबकि अन्य राज्यों के मुख्यमंत्री शपथ लेते ही एक हफ्ते के भीतर प्रधानमंत्री से मिलकर भी चले गए हैं। इनेलो नेताओं ने कहा कि जब इनेलो एसवाईएल को लेकर पंजाब कूच कर रही थी और संसद का घेराव करके इनेलो कार्यकर्ता लाठियां खा रहे थे उस समय सरकार में बैठे लोग कहते थे कि मामला अदालत में है। आज गृह मंत्री के पास मिलकर जब आए हैं तो यह साफ हो गया है कि मामला किसी अदालत में नहीं है बल्कि नहर के अधूरे निर्माण को केंद्र सरकार ने पूरा करवाना है और इस मामले में आज कहीं कोई कानूनी अड़चन नहीं है, इसलिए नहर का अधूरा निर्माण तुरंत पूरा करवाया जाए। केंद्रीय गृह मंत्री को इनेलो की ओर से दिए गए ज्ञापन में एसवाईएल को लेकर अब तक आए सभी फैसलों का भी विस्तृत उल्लेख किया गया है।

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