“दीवाली”

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दिवाली पर्व के हम दीप जलाएं,
 खुशियों का हम संदेश फैलाएं,
 दिलों की नफरत को जलाकर,
 प्यार की हम सब जोत जलाएं।
             प्रदूषण रहित दिवाली मनाएं,
             पटाखों को ना हम चलाएं,
             ध्वनि/धुंआ से परहेज़ करें,
             वातावरण को स्वच्छ बनाएं।
माटी के दियों को खरीद कर,
उनमें पूजा की जोत जलाएं
फ़िज़ूल खर्ची, छोड़ दिखावे,
बेसहारों का सहारा बन जाएं।
              दीप जलाएं ईशवर के नाम,
              दीप जले भारत मां के नाम,
              दीप जलाएं शहीदों के नाम,
              दीप जले भाईचारे के नाम,
खुद के मन को रौशन कर,
अंधकार से बाहर आ पाएं,
धर्म कर्म का मार्ग अपनाकर,
निर्मल मन से दिवाली मनाएं।
-बृज किशोर भाटिया,चंडीगढ़

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