चंडीगढ़ शहर में मजदूर वर्ग की आवाज़ बने एडवोकेट विवेक हंस गरचा

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चंडीगढ़

5 अप्रैल 2022

दिव्या आज़ाद

हर साल चंडीगढ़ पुलिस की एंटी ह्यूमन ट्रेफकिंग यूनिट (एएचटीयू ) की टीम अप्रैल में शहर में एमएचए के निर्देश पर ऑप्रेशन मुस्कान -7 इस माह की 30 अप्रैल तक चलायेगी | जिसमें 1अप्रैल से 4 अप्रैल तक करीब 30 से अधिक शहर में बाल मजदूरी कर रहे, शहर के चौक – चौराहों पर भीख मांग रहे और बुड़ैल से रेस्कयू किये गये 5 बच्चों को एएचटीयू द्वारा शहर के उकत दोनों जगहों पर भेज दिया गया | न्यू कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के केंद्रीय अध्यक्ष एडवोकेट विवेक हंस गरचा आज मजदूर वर्ग की आवाज़ बने मामला चंडीगढ़ पुलिस की एंटी ह्यूमन ट्रेफकिंग यूनिट (एएचटीयू ) की टीम का जिन्होंने बाल मजदूरी व भीख मांगने वाले बच्चों के इलावा मजदूर वर्ग व ग़रीब लोगों के बच्चे उठाये | पढ़ने लिखने वाले बच्चे जिनकी उम्र 3 साल से 12 साल तक की है शहर से उठाए गये | जिन्हें चंडीगढ़ पुलिस की एंटी ह्यूमन ट्रेफकिंग यूनिट (एएचटीयू ) की टीम ने अपने अभियान को सफल बनाने के लिए व अपने उच्च अधिकारीयों से वहा – वाही लूटने के लिए शहर के ग़रीब भोले भाले मजदूर वर्ग के लोगों को अपना निशाना बनाया |ऐसा हादसा बीते शुक्रवार का है जब चंडीगढ़ पुलिस की एंटी ह्यूमन ट्रेफकिंग यूनिट (एएचटीयू ) की टीमद्वारा चंडीगढ़ शहर के अलग – अलग क्षेत्रों से लेबर चौक, पार्को से बच्चों को उठाया गया बच्चों को उठाने के बाद कहाँ ले जाकर रखा ये भी अभी तक किसी को नहीं पता।

उठाये गये बच्चों में 3 साल की लड़की से लेकर 12 तक के लड़के व लड़कियां हैं जिन्हें बेरेहम चंडीगढ़ पुलिस की एंटी ह्यूमन ट्रेफकिंग यूनिट (एएचटीयू ) की टीम अपनी गुंडागर्दी के दम पर बच्चों के परिवार वालों को उनसे मिलने तक नहीं दे रहे 4 दिन से ज्यादा का समय हो जाने के बाद भी इन निर्दयी बेरेहम चंडीगढ़ पुलिस की एंटी ह्यूमन ट्रेफकिंग यूनिट (एएचटीयू ) की टीम उन्हें अपने बच्चों से मिलने नहीं दे रहे उन बच्चों के माता – पिता ने पुलिस अधिकारीयों व चंडीगढ़ पुलिस की एंटी ह्यूमन ट्रेफकिंग यूनिट (एएचटीयू ) की टीम अधिकारीयों के पैर तक पकड़े हाथ जोड़े लेकिन उन्हें गालियां देकर भगा दिया गया बच्चे जहाँ एक ओर 4 दिन से अपने माता पिता से मिले बिना ना जाने किस हाल में वहां हैं | इन ग़रीब व मजदूर वर्ग लोगों की मदद करने कोई सत्ताधारी नेता व समाज सेवक आगे नहीं आया इन बच्चों के माता पिता पुलिस की मदद के लिए गये तो उन्होंने कंप्लेंट लिखना तो दूर लेबर मजदूर वर्ग के ग़रीब लोगों की बात तक सुनना जरूरी ना समझा | ऐसे में उन बच्चों के पारिवारिक सदस्यों ने न्यू कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के केंद्रीय अध्यक्ष एडवोकेट विवेक हंस गरचा से फोन पर संपर्क किया व उन्हें जैसे ही इस मामले का पता चला वे फौरन मालोया चंडीगढ़ पुलिस की एंटी ह्यूमन ट्रेफकिंग यूनिट (एएचटीयू) पहुँचे उन्होंने आयोग के उच्च अधिकारीयों से बात करने के लिए सिक्योरिटी गॉर्डस को अपना विजिटिंग कार्ड भेजा तो उच्च अधिकारीयों ने मिलना जरूरी ना समझ कर गेट पूरी तरह से बंद करवा दिया ताकि कोई अंदर ना आ पाये ऐसे में सभी परिवार वालों ने मालोया स्थित स्नेहाल्य के बाहर धरना दे दिया |
अभी धरना दिया ही था कि एक ओर गाड़ी बच्चे पकड़ कर वहां ले आई गेट बंद होने की वजह से गाड़ीमालोया स्नेहालय के अन्दर नहीं जा पाई ऐसे में गाड़ी में बंद बच्चों के माता पिता गाड़ी का पीछा करते वहां पहुँच गये वहां पहुँचने पर माहौल गरमा गया वे माता पिता अपने बच्चों की प्राप्ति के लिए बिखला उठे हमारे बच्चे किस हालात में हैं हमें दिखा तो दो कुछ महिलाओं ने आपा खोकर गाड़ी पर हमला कर दिया गाड़ी का नुकसान जरूर हुआ लेकिन अचानक दो महिलाएं बेहोश होकर ज़मीन पर गिर गई | मौके पर पहुंची इलाका पुलिस अधिकारीयों की टीम ने आश्वासन देकर कहा की हम आपके बच्चे दिलवाएंगे आप पुलिस स्टेशन चलो | पुलिस स्टेशन पहुंचने पर जो माता पिता अपने बच्चों को मिलने के लिए तड़प रहे थे पुलिस ने उल्टा उन्हीं पर प्रीवेटिंग एक्शन (107/51) मामला दर्ज कर दिया | अब ना बच्चे मिले ना इंसाफ़।


ऐसे में एडवोकेट विवेक हंस गरचा ज़ब इलेक्ट्रॉनिक मीडिया कर्मचारियों के साथ पुलिस स्टेशन पहुँचे तो पुलिस कर्मचारियों ने दादागिरी दिखानी शुरू कर दी वे मीडिया कर्मचारियों को पुलिस कर्मचारियों ने बाहर निकाल दिया और धमकी की न्यूज़ मत चलाना इस मामले की पैरवाई कर रहे एडवोकेट विवेक हंस गरचा को भी मामले से दूर रहने की सलाह दी ओर कहा की हम आप पर सरकारी काम में विघ्न डालने व अपने बच्चों को पाने के लिए तड़प रहे उनके पारिवारिक सदस्यों को उकसाने के आरोप में गरचा जी आप पर मामला दर्ज करेंगे तो एडवोकेट विवेक हंस गरचा तुरंत गिरफ़्तारी के लिए तैयार हो गये उन्होंने कहा कि जिन कन्याओं की नवरात्रों में सारा राष्ट्र पूजा करता है उन नवरात्रों में 3 – 3 साल की बच्चियों को उनके माँ – बाप से छीनते हुए तुम्हारी रूह नहीं काँपी | एडवोकेट विवेक हंस गरचा ने चंडीगढ़ पुलिस की एंटी ह्यूमन ट्रेफकिंग यूनिट (एएचटीयू ) की टीम व पुलिस अधिकारीयों से किसके ऑर्डर्स पर वे ऐसा कर रहे हैं ऑर्डर्स की कॉपी मांगी तो उन्होंने कहा डी.सी साहब के आर्डर हैं विचारणीय बात डी. सी साहब के ऑर्डर्स की कॉपी उनके पास नहीं थी |  एडवोकेट विवेक हंस गरचा ने चंडीगढ़ पुलिस की एंटी ह्यूमन ट्रेफकिंग यूनिट (एएचटीयू ) की टीम व पुलिस अधिकारीयों से कहा की आपके कौन से सेक्युलर में दर्ज है की माँ – बाप  अपने बच्चों को नहीं मिल सकते चंडीगढ़ पुलिस की एंटी ह्यूमन ट्रेफकिंग यूनिट (एएचटीयू ) की टीम अधिकारीयों व पुलिस अधिकारीयों के पास सेक्युलर की कॉपी भी नहीं थी ना कोई जवाब कुछ पुलिस कर्मचारी कहने लगे सेंटर से आर्डर हैं विवेक हंस गरचा ने नोटिफिकेशन की कॉपी मांगी वह भी ना मिली।


चंडीगढ़ पुलिस की एंटी ह्यूमन ट्रेफकिंग यूनिट (एएचटीयू ) की टीम में मौजूद सिक्योरिटी अधिकारीयों का कहना है उनके उच्च अधिकारीयों का कहना है कि 15 दिन बाद आना फिर देख लेंगे किसको बच्चे देने हैं और किसको नहीं | ऐसा सुनते ही एडवोकेट विवेक हंस गरचा ने कहा कि ये मामला मिनिस्ट्री ऑफ़ वीमेन एन्ड चाइल्ड डेवलपमेंट गवर्नमेंट ऑफ़ इंडिया में जायेगा जिसकी कॉपी चंडीगढ़ गवर्नर व मिनिस्ट्री ऑफ़ इंडिया व प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी को भी भेजी जायेगी | ताकि उन्हें भी पता चले चंडीगढ़ पुलिस की एंटी ह्यूमन ट्रेफकिंग यूनिट (एएचटीयू ) की टीम व पुलिस में उच्च पदों पर बैठे “लैक ऑफ़ नॉलेज” अधिकारीयों की गलती का खामियाजा सारे विभाग व शहर के ग़रीब भोले भाले लोगों को भुगतान पड़ता है।


जब तक ये मामला सुलझ नहीं जाता एडवोकेट विवेक हंस गरचा ने शहर के ग़रीब व मजदूर वर्ग से अपील की कि अपने बच्चों को, घरों में सुरक्षित रखें, क्योंकि अब बच्चे उठाने कोई गैंग नहीं चंडीगढ़ पुलिस की एंटी ह्यूमन ट्रेफकिंग यूनिट (एएचटीयू ) की टीम आ रही है | जो कि बिना पहचान वाले बच्चों के इलावा पूर्ण रूप से परिचित बच्चों को भी बिना अविडेंस के उठा रही है। गरचा ने शहर के राजनितिक व सामाजिक संगठनों को आगे आकर ग़रीब लोगों की मदद करने की अपील भी की उन्होंने कहा सरकारी गुंडागर्दी नहीं चलेगी।

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